राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र



NISAR (NASA-ISRO सिंथेटिक एपर्चर रडार) सूचना

NISAR

NISAR, NASA और इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइज़ेशन (ISRO) का एक जॉइंट अर्थ-ऑब्ज़र्विंग मिशन है। इसका मकसद एडवांस्ड रडार इमेजिंग का इस्तेमाल करके ज़मीन की सतह में होने वाले बदलावों के कारणों और नतीजों का ग्लोबल लेवल पर माप करना है। यह मिशन और इसके लिए बनी पार्टनरशिप, नेशनल एकेडमी ऑफ़ साइंस के 2007 के उस सर्वे के जवाब में है जिसमें अगले दशक के लिए पृथ्वी के ऑब्ज़र्वेशन से जुड़ी प्राथमिकताओं (जिसे 'डिकेडल सर्वे' कहा जाता है) की पहचान की गई थी। इस सर्वे में जिन मुख्य प्राथमिकताओं की पहचान की गई थी, उनमें से एक थी पृथ्वी विज्ञान के तीन क्षेत्रों-इकोसिस्टम, पृथ्वी की पपड़ी (क्रस्ट) में होने वाले बदलाव (डिफ़ॉर्मेशन) और क्रायोस्फ़ियर से जुड़े विज्ञान-के बारे में डेटा और जानकारी हासिल करना।

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NICES (जलवायु और पर्यावरण अध्ययन के लिए राष्ट्रीय प्रणाली)NEW

EOS-06 OCM-3 observation

EOS-06 OCM-3 के ऑब्ज़र्वेशन से पता चलता है कि अरब सागर में सर्दियों के दौरान फाइटोप्लांकटन ब्लूम में मौसम के हिसाब से साफ़ बदलाव, तेज़ी और जगह बदलने की प्रक्रिया होती है, जिसकी शुरुआत जनवरी में होती है। यह ब्लूम धीरे-धीरे तेज़ होता है और फरवरी-अप्रैल के दौरान फैलता है, जो उत्तरी अरब सागर से मध्य और दक्षिणी इलाकों की ओर, लगभग 25°N से 10°N तक पहुँच जाता है। इस दौरान, बड़े पैमाने पर मेसोस्केल एडीज़ (mesoscale eddies)...

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BHUVAN THIS WEEK NEW साप्ताहिक रूप से अपडेट किया गया

Bhuvan Disaster Management Support – Near-Real-Time Lightning Monitoring

The Bhuvan Lightning Monitoring Service, developed by the National Remote Sensing Centre (NRSC), provides near-real-time information on lightning activity across India through an interactive geospatial platform. The service supports monitoring of lightning events and provides valuable information for disaster preparedness, situational awareness, and climate studies. Lightning is an Essential Climate Variable (ECV) for which information is generated under the National Information System for...
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घोषणाएँ

दिनांक 21.06.2025 के विज्ञापन सं. NRSC-RMT-2-2025 दिनांकित 21.06.2025 के सम्मुख कनिष्ठ अनुसंधान अध्येता (जेआरएफ25 और जेआरएफ28) के पदों के लिए साक्षात्कार स्थगित कर दिनांक 14.11.2025 (शुक्रवार) को कर दिया गया है

आपदा प्रबंधन

हाल की घटनाएं

10 Oct
World Space Week (WSW-2026) is celebrated at RRSC-Central, Nagpur
24 Jun
इलेक्ट्रिकल ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट के लिए Power-GIS पर राष्ट्रीय कार्यशाला - 24 जून 2026
13 Mar
यूज़र इंटरैक्शन मीट - 2026 (NRSC/ISRO और NSIL/DoS द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित)
12 Feb
IGBP वर्कशॉप और ओशन कलर ब्रेनस्टॉर्मिंग सेशन CMFRI, रीजनल सेंटर, मंडपम, तमिलनाडु
05 Jan
फसल सिमुलेशन मॉडल का उपयोग करके फसल उपज अनुमान पर दो दिवसीय यस-टेक हितधारक प्रशिक्षण कार्यक्रम, 5 जनवरी 2026
09 Dec
आरआरएससी-मध्य, नागपुर में एमएसईटीसीएल, ऊर्जा मंत्रालय, महाराष्ट्र सरकार और एनआरएससी, इसरो के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कार्यक्रम
08 Oct
डीएमएसपी-आरडीआरआर के अंतर्गत वन अग्नि निगरानी, आकलन और प्रबंधन हेतु भू-स्थानिक प्रौद्योगिकियों पर कार्यशाला
26 Aug
26 अगस्त 2025 को अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी, एनसीसी, कैम्पटी, महाराष्ट्र के लिए भू-स्थानिक प्रौद्योगिकियाँ और अनुप्रयोग प्रशिक्षण
15 Aug
15 अगस्त 2025 को एनआरएससी में स्वतंत्रता दिवस समारोह
28 Jul
ओपन सोर्स जीआईएस दिवस और राष्ट्रीय भू-स्थानिक पुरस्कार 2025 (संस्करण 02)
02 Jul
जल संसाधन मंत्रालय द्वारा एकीकृत बाढ़ जलप्लावन मॉडल प्रसार पोर्टल का उद्घाटन
16 Jun
आईसीआर-ईआर, एनडीईएम लाइट और असम बाढ़ जोखिम एटलस पर विमोचन नोट
16 Jun
एनआरएससी और सीवीआर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, हैदराबाद के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर
19 May
युविका-2025 का उद्घाटन 19 मई 2025
14 May
एनआरएससी और उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर
13 May
एनआरएससी, हैदराबाद और एनआईएएस, बेंगलुरु के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर
14 Apr
इसरो ने अंतरिक्ष और प्रमुख आपदाओं पर अंतर्राष्ट्रीय चार्टर में अग्रणी भूमिका निभाई: एक महत्वपूर्ण उपलब्धि
12 Mar
इसरो अध्यक्ष का एनआरएससी दौरा
05 Mar
अकादमिक-उद्योग सहयोग को सुदृढ़ बनाना - एनआरएससी, इसरो ने सचिव, अंतरिक्ष विभाग और इसरो के अध्यक्ष की उपस्थिति में अग्रणी शैक्षणिक संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए
18 Feb
महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय (MMYVV), करौंडी, कटनी, मध्य प्रदेश में "भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम, भू-स्थानिक प्रौद्योगिकियाँ और सामाजिक अनुप्रयोग" पर कार्यशाला

पृथ्वी अवलोकन की मुख्य विशेषताएँ

फोटो गैलरी

वीडियो गैलरी


हमारे नेता

Dr. V. Narayanan

डॉ. वी. नारायणन

अध्यक्ष, इसरो

अंतरिक्ष विभाग के सचिव और अंतरिक्ष आयोग/इसरो के अध्यक्ष

अधिक जानें – डॉ. वी. नारायणन
Dr. Prakash Chauhan

डॉ. प्रकाश चौहान

प्रतिष्ठित वैज्ञानिक, एनईएससी

निदेशक, राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र

अधिक जानें – डॉ. प्रकाश चौहान

हमारा अधिदेश

राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (एनआरएससी) को उपग्रह डेटा प्राप्त करने, डेटा उत्पादों का निर्माण, उपयोगकर्ताओं तक प्रसार और आपदा प्रबंधन सहायता, शासन के लिए भू-स्थानिक सेवाओं और क्षमता निर्माण सहित सुदूर संवेदन अनुप्रयोगों के विकास के लिए भू-स्टेशनों की स्थापना का अधिदेश प्राप्त है।


वेब पोर्टल


हमारी गुणवत्ता नीति

"गुणवत्तापूर्ण डेटा उत्पाद प्रदान करके, मूल्यवर्धित सेवाएँ विकसित करके और आउटरीच कार्यक्रमों को लागू करके सुदूर संवेदन के उन्नत उपयोग को बढ़ावा देने में उत्कृष्टता प्राप्त करना"