हिमनद झील एटलस

राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केन्द्र, जल शक्ति मंत्रालय, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा कायाकल्प विभाग (डीओडब्ल्यूआर, आरडी एंड जीआर), भारत सरकार द्वारा प्रायोजित राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना (एनएचपी) की केंद्रीय कार्यान्वयन एजेंसी में से एक के रूप में कार्यरत है। इसके भाग के रूप में, एनआरएससी ने भारतीय नदी घाटियों के 0.25ha हिमालयी क्षेत्र के आकार के हिमनद झीलों की सूची तैयार की और मानचित्रण किया। उपरोक्त का उपयोग करते हुए, एनआरएससी ने सिंधु और गंगा नदी घाटियों के हिमनद झीलों का एटलस तैयार किया है। ये एटलस संभावित महत्वपूर्ण हिमनद झीलों की पहचान करने और परिणामस्वरूप जीएलओएफ जोखिम मूल्यांकन के लिए उपयोगी हैं। यह केंद्रीय और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के लिए आपदा न्यूनीकरण योजना और संबंधित कार्यक्रमों में भी सहायता करता है।

सिंधु नदी बेसिन के हिमनद झील का एटलस का विमोचन श्री. यू.पी. सिंह, सचिव, डीओडब्ल्यूआर, आरडी एंड जीआर, जल शक्ति मंत्रालय द्वाराश्री शांतनु चौधरी, निदेशक, एनआरएससी की उपस्थिति में 02 दिसंबर, 2020 को एक वीडियो कॉन्फ्रेंस कार्यक्रम के माध्यम से किया गया। सिंधु बेसिन हिमनद एटलस अपनी तरह का पहला है, जो 2016-17 के उच्च विभेदन रिसोर्ससैट -2 लिस4 एमएक्स उपग्रह डेटा का उपयोग करके 0.25 हेक्टेयर से अधिक आकार की 5,335 हिमनद झीलों के वितरण को दर्शाता है, जो 3,42,738 वर्ग किमी के भौगोलिक क्षेत्र को आवृत्त करता है। एटलस क्षेत्र, प्रकार और ऊंचाई और प्रशासनिक इकाई के अनुसार हिमनद झीलों के स्थानिक वितरण को प्रस्तुत करता है। View/Download

गंगा नदी बेसिन का हिमनद झील एटलस श्री पंकज कुमार, सचिव, डीओडब्ल्यूआर, आरडी एंड जीआर, जल शक्ति मंत्रालय द्वारा डॉ. के. सिवन, अध्यक्ष, इसरो / सचिव, अंतरिक्ष विभाग की उपस्थिति में 29 जून, 2021 को एक वीडियो कॉन्फ्रेंस कार्यक्रम के माध्यम से जारी किया गया था। गंगा बेसिन हिमनद एटलस ने 2016-17 के उच्च विभेदन रिसोर्ससैट -2 लिस 4 बहुस्पैक्ट्रमी उपग्रह आकंड़ों के उपयोग से 2,47,110 वर्ग किमी के भौगोलिक क्षेत्र को आवृत्त करते हुए 0.25 हेक्टेयर से अधिक आकार की 4,707 हिमनद झीलों के वितरण को दर्शाया है।एटलस क्षेत्र, प्रकार, ऊंचाई और प्रशासनिक इकाई के अनुसार हिमनद झीलों के स्थानिक वितरण को प्रस्तुत करता है। View/Download

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