श्री शांतनु चौधुरी

हमारे निदेशक

Directorशांतनु चौधुरी, विशिष्ट वैज्ञानिक, ने अप्रैल, 2018 को राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केन्द्र (एनआरएससी), भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो), अंतरिक्ष विभाग (अं.वि.) का कार्यग्रहण किया। उन्होंने 1982 में कोलकाता के जादवपुर विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक्स और टेली-कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में स्नातक किया और 1984 में आईआईटी, मद्रास से सिग्नल प्रोसेसिंग में विशेषज्ञता के साथ इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में एम टेक किया। उन्होंने अंतरिक्ष अनुप्रयोग केन्द्र (सैक), इसरो, अहमदाबाद में अगस्त 1984 में पदभार संभाला।

वह 1996 तक डिजिटल सिस्टम के डिजाइन में लगे रहे। वे बिटस्लाइस एवं वेक्टर संसाधन के लिए प्रमुख डिजाइनर बने एवं उन्होंने ही प्रतम स्वदेशी चित्र प्रदर्शन प्रणाली इसरो-विजन डिजाइन किया। वे वर्ष 1991 में जर्मन वांतरिक्ष एजेन्सी (डीएलआर), म्यूनिख में अतिथि वैज्ञानिक थे जहां पर उन्होंने वायुवाहित सिन्थैटिक अपरचर रडार वास्तविक काल संसाधक के लिए डिजिटल प्रणालियों का डिजाइन तैयार किया। वे वर्ष 1999 में प्रधान, उन्नत बिंब संसाधन प्रभाग रहे एवं नवंबर 2011 में संकेत एवं चित्र संसाधन क्षेत्र के उप निदेशक रहे। वे विभिन्न इसरो ऑप्टिकल नीतभारों (पेलोड) के विकीरणमितिक लक्षणन में शामिल थे। वे आंकड़ा उत्पाद एल्गोर्थिम्स के लिए प्रमुख डिजाइन रहे एवं ओशनसैट-1एमएसएमआर नीतभार, ओशनसैट-2 प्रकीर्णमापी नीतभार (स्कैटरोमीटर पेलोड), मेघा-ट्रॉपिक्स विकीरणमितिक नीतभार, रीसैट-1 सार नीतभार, वायुवाहित हाइपर स्पैक्ट्रमी नीतभार आदि में शामिल रहे। ये सॉफ्टवेयर प्रणालियां एनआरएससी, इनकॉइस, आईएमडी, आईएसएसडीसी एवं एमएनसीएफसी में ऑपरेशनल हैं।

वे अप्रैल 2015 से मार्च 2018 के दौरान अंतरिक्ष विभाग की सिकन्द्राबाद स्थित एक इकाई के निदेशक थे। वे उच्च गुणवत्तायुक्त आंकड़े उत्पादों की आपूर्ति एवं इसरो के उच्च विभेदन उपग्रहों से संदर्भ परतों, डिजिटल तुंगता मॉडल (डिजिटल एलिवेशन मॉडल), आंकड़ा केन्द्र एवं सुरक्षित नेटवर्क, उपग्रह आंकड़ा संसादन श्रृंखलाओं के लिए वास्तविक काल संसाधों एवं प्रयोक्ता समुदाय के लिए भू-स्थानिक निर्णय समर्थन समाधान के प्रमुख रहे।

अप्रैल, 2018 से राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केन्द्र(एनआरएससी/इसरो) के निदेशक के रूप में वे एक्स व एस-केए बैंड आंकड़ा अभिग्रहण, भू केन्द्रों की स्थापना , उपग्रह आंकड़ा संसाधन, सुदूर संवेदन अनुप्रयोग विकास तथा एनडीसी, भुवन, एनडीईएम व नाइसेस जियोपोर्टल से आंकड़ा वितरण के लिए उत्तरदायी है।

इन्हे वर्ष 2012 में इसरो मेरिट पुरस्कार, वर्ष 2015 में इसरो कार्यनिष्पादन उत्कृष्टता पुरस्कार तथा वर्ष 2017 में आईआरएस भास्कर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।