डॉ राज कुमार

हमारे निदेशक

Directorडॉ. राजकुमार, एक उत्कृष्ट वैज्ञानिक ने निदेशक, राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केन्द्र (एनआरएससी), भारतीय अन्तरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो), अंतरिक्ष विभाग (अं.वि.) ने जनवरी 2021 में कार्यभार ग्रहण किया। आपका जन्म लखनऊ, उत्तर प्रदेश में हुआ तथा आपने अपनी शिक्षा लखनऊ विश्वविद्यालय से पूरी की।

आपने अगस्त 1983 में अंतरिक्ष उपयोग केन्द्र (सैक), इसरो में कार्यभार ग्रहण किया। डॉ. राजकुमार, अपने 35 वर्षों से भी अधिक अनुभव के साथ, पृथ्वी प्रणाली, प्रक्रियाएं एवं पृथ्वी पर्यवेक्षण आंकड़ों के उपयोग से परस्पर क्रिया तथा सामाजिक लाभ के लिए उनके अनुप्रयोगों की दिशा में और ग्रह संबंधी विज्ञान से जुड़े विषयों की गतिविधियों का नेतृत्व करते हैं। अक्तूबर 2016 से, अंतरिक्ष उपयोग केन्द्र (इसरो) में उप-निदेशक के पद पर कार्यरत रहे।आपने तकनीकी विकास, महासागर विज्ञान, जल विज्ञान, वायुमंडल, क्रायोस्फीयर, कृषि और भू विज्ञान में दीर्घकालिक कार्यक्रमों की अवधारणा की है।आपने मुख्य रूप से सामाजिक लाभ के लिए महासागर, वायुमंडल और जलवायु के अध्ययन के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग की दिशा में अनुसंधान किया है।आपके शोध का मुख्य केन्द्र आंकड़ासमीकारी संख्यात्मक मॉडल और एल्गोरिथ्म विकास के साथ महासागर की स्थिति के पूर्वानुमानों के लिए उपग्रह आंकड़ा अनुप्रयोग है। डॉ. राजकुमार इसरो के पहले प्रकीर्णमापी (स्कैटरोमीटर), ओशनसैट-2 एवं आंकड़ों के महासागर अनुप्रयोगों के अंशाकन एवं वैधीकरण के लिए भी उत्तरदायी हैं। इसरो के स्कैटसैट-1, उपयोगात्मक कार्यक्रम के परियोजना निदेशक के रूप में आपने वैश्विक प्रयोक्ताओं के लिए प्रकीर्णमापी के प्रचालनात्मकता में प्रमुख भूमिका निभाई है तथा आप विविध नए अनुप्रयोगों के लिए तकनीक के विकास में भी शामिल रहे।

आप अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसियों, नासा, जेएएक्सए, सीएनईएस के साथ सूक्ष्तरंग सुदूर संवेदन (माइक्रोवेव रिमोट सेंसिंग) में सहयोग करने में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं और नासा-इसरो के संयुक्त मिशन एनआईएसएआर के लिए भारतीय विज्ञान टीम का नेतृत्व भी कर रहे हैं। आप वर्ष 2020 के लिए “पृथ्वी पर्यवेक्षण उपग्रहों के लिए समिति” (सीएनईएस) के वैकल्पिक अध्यक्ष के रूप में भी रहे। डॉ. राजकुमार ने अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पीयर रिव्यूड जर्नलों में 100 प्रकाशन किए हैं तथा 10 से भी अधिक युवा शोधकर्ताओं का उनकी पीएचडी के लिए मार्गरदर्शन किया हैं। आपको पी आर पिश्रोती मेमोरियल, हरि ओम आश्रम प्रेरित, डॉ. विक्रम साराभाई सम्मान एवं इसरो टीम एक्सेलेन्स अवार्ड से सम्मानित किया गया है।