ब्रेडक्रम्ब्स

उपयोगिता सॉफ्टवेयर

चित्र फ्यूजन उपयोगिता

utility4चित्र संलयन (फ्यूजन) उच्च स्थानिक एवं वर्णक्रमीय (स्पेक्ट्रमी) विभेदन संलीन (फ़्यूज्ड) आउटपुट प्राप्त करने के लिए उच्च स्थानिक विभेदन बहुस्पेक्ट्रमी डेटा के साथ निम्न स्थानिक विभेदन सर्ववर्णीय (पैनक्रोमैटिक) डेटा के संयोजन की प्रक्रिया है। प्रयोक्ता की आवश्यकताओं के आधार पर स्थानिक विभेदन में सुधार करने के लिए बेहतर वर्णक्रमीय विभेदन के साथ कई संलयन विधियों का उपयोग किया जा रहा है। इस उपयोगिता में संलयन तकनीक के रूप में व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली संलयन विधियों जैसे ब्रोवे, आई.एच.एस. और संश्लेषी परिवर्ती अनुपात (एस.वी.आर.), उच्च पारण फिल्टरिंग (एच.पी.एफ.), वाई.आई.क्यू. संलयन विधियों का प्रबंध किया गया है। यह उपकरण प्लेटफार्म स्वतंत्र है और विभिन्न फाइल प्रारूपों में इसे सक्षम बनाने के लिए जावा और जी.डी.ए.एल. पुस्तकालयों का उपयोग करके कार्यान्वित किया गया है। (1) डाउनलोड (2) प्रयोक्ता मैनुअल

चित्र व्यूअर उपयोगिता

Utility5सुदूर संवेदन उपग्रह विभिन्न वर्णक्रमीय बैंडों जैसे निकट अवरक्त (एन.आई.आर.), लाल, हरे एवं नीले बैंड में पृथ्वी को देखते हैं और विभिन्न स्थानिक, रेडियोमेट्रिक एवं कालिक विभेदन पर चित्र प्रदान करते हैं। इन चित्रों को देखने के लिए न्यूनतम रेडियोमेट्रिक संवर्द्धन क्षमता वाले एक चित्र दर्शी की आवश्यकता होती है। चित्र, आकार फ़ाइलें और ए.एस.सी.II और बाइनरी ग्रिड फ़ाइलों को प्रदर्शित करने के लिए विंडो प्लेटफॉर्म पर दृश्य सी# के जरिए चित्र-दर्शी सॉफ्टवेयर मॉड्यूल विकसित किया गया है जिसमें मुक्त (ओपन) स्रोत मानचित्र विंडोज़ सॉफ़्टवेयर का उपयोग किया गया है। इसके अतिरिक्त यह चित्र की दूरी एवं क्षेत्रफल मापने में भी सहायता करता है। यह सॉफ़्टवेयर-उपयोगिता कई फाइल प्रारूपों तथा सुदूर संवेदन चित्र आंकड़ों के विभिन्न स्थानिक और रेडियोमेट्रिक विभेदन का समर्थन करती है। इसमें चित्र प्रदर्शन के लिए मैपविंडोज सक्रिय X नियंत्रण का उपयोग किया जाता है। (1) डाउनलोड (2) प्रयोक्ता मैनुअल।

आई.आर.एस. डेटा उत्पाद अभिकल्पना सॉफ़्टवेयर

Utility6एनआरएससी द्वारा आपूर्ति किए गए मानक उत्पादों में पथ-पंक्ति या कक्षा की संख्या आधारित संदर्भ योजना होती है और प्रयोक्ता के लिए स्पष्टतः अनुमान लगाना संभव नहीं है कि यह डेटा भारत में कहाँ का है। राष्ट्रीय स्तर की परियोजनाओं में यह समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है, जहाँ पूरे भारतीय क्षेत्र के आंकड़े संभालने की आवश्यकता होती है। आमतौर पर डेटा का विभाजन राज्य की सीमा पर आधारित होता है और इसलिए सटीक क्षेत्र तथा राज्य में जहां का डेटा आवृत्त किया गया है, उस स्थान की शीघ्र अभिकल्पना आवश्यक है। परियोजना के दौरान कई बार पहले से वितरित उत्पादों की स्थिति जांचने और एनआरएससी द्वारा आंकड़ा वितरण किए जाने वाले क्षेत्र की जानकारी जुटाना आवश्यक होता है। यह माना गया है कि अगर भू-सूचना के साथ-साथ एक उप-नमूना चित्र जल्दी से उत्पन्न किया जाए, सीमा पर सभी उप-नमूना चित्रों को प्रदर्शित करना आसान हो सकता है जिससे प्राप्त डेटा में अंतराल को जल्दी से चिह्नित किया जा सकता है। यह उपयोगिता एनआरएससी डेटा सेंटर से प्राप्त आई.आर.एस. डेटा की त्वरित प्लॉटिंग और पूर्वावलोकन के लिए विकसित की गई है और यह प्रयोक्ताओं को उनके द्वारा मांगे गये डेटा की सटीकता समझने में मदद करती है। (1) डाउनलोड (2) प्रयोक्ता मैनुअल।