जल संसाधन

अनुप्रयोग

राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना -

जल विज्ञान परिचालन सेवाएं प्रदान करने के लिए जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय (एम.ओ.डब्लू.आर.आर.डी. एंड जी.आर.,) भारत सरकार के लिए राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजनाओं को क्रियान्वित किया जा रहा है। इस परियोजना के मुख्य घटक हैं, अंतरिक्ष और हवाई सूचनाओं का उपयोग करके बाढ़ प्रवण (बहुल) नदी क्षेत्रों में बाढ़ का पूर्वानुमान लगाना, नियमित समय अंतराल पर जल संतुलन घटकों का अनुमान लगाना, हिम आवरण क्षेत्र का अनुमान और हिम गलन अपवाह मॉडलिंग, हिमालय क्षेत्र में ग्लेशियर झील एवं हिम आवरण का मानीटरन, वाष्पन-वाष्पोत्सर्जन और सिंचाई सारणी का अध्ययन, मासिक पैमाने पर परिचालनीय जल-विज्ञान सूखा का आकलन, देश के चयनित जल संसाधन इंजीनियरों का क्षमता निर्माण।

सिंचाई अवसंरचना मानीटरन

सिंचाई अवसंरचनाओं में नहरें, सिंचाई संरचनाएं जैसे कि रेगुलेटर, आड़ी-तिरछी निकास संरचनाएं, साइफन, आदि शामिल होती हैं। संसाधनों के इष्टतम उपयोग, परियोजनाओं को त्वरित, सामयिक पूरा करने के लिए निर्माण चरण के दौरान सिंचाई परियोजनाओं का व्यापक मानीटरन केंद्रीय जल आयोग (सी.डब्ल्यू.सी.), जल संसाधन मंत्रालय (एम.ओ.डब्ल्यू.आर) द्वारा त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (ए.आई.बी.पी.) के तहत किया जाता है। उच्च विभेदन कार्टोसैट उपग्रह आंकड़ा (डेटा) सिंचाई के अवसंरचना की सूची प्रदान करता है और निर्माण कार्य की प्रगति का आकलन करता है तथा महत्वपूर्ण अंतराल सहित निर्माण कार्य की प्रगति का संक्षिप्त दृश्य भी प्रदान करता है।